Mr. Rakesh Joon

Having born and brought up in Jhajjar, I always felt that urban housing in the area left much to be desired with very limited support infrastructure. While there was fast paced development taking place in Gurgaon, the district of Jhajjar lagged far behind despite having equal connectivity advantages to Delhi.

Further, as Delhi and Gurgaon emerged major job destinations but living costs being unaffordable, daily commuters would waste time and money plying to these job hubs. Besides the above, sports are a part and parcel of our upbringing duly validated and recognised in international competitions. While we have aspiring talent, there is a gross deficiency of sports infrastructure.

All these issues needed to be addressed holistically.

I therefore took upon this challenge and change the ecosystem of this area.

Having identified Bahadurgarh as the pivot of future development, we made a humble beginning with our dream project ‘HL City’ in Bahadurgarh. As sports facilities were to be integral part of the project, before even the first resident would arrive, we created a world class resident badminton academy with coaches from abroad, an indoor heated swimming pool, a first in Haryana and further augmented it with one of the biggest gyms in the area. It was therefore no surprise that within a short span of time, we earned a name for ourselves primarily on account of our deliverables, understanding the underlying desires of our people, quality of construction and the faith reposed by the customers.

Today, I can proudly state that in this plethora of failed or stagnant projects, HL City stands as a tall pillar of respect and trust in the complete NCR region. Its a hard fought name and let me state it with all humility that me and my team shall maintain that at all costs.

Come, explore, interact, work, earn and stay with us

Thanks
Rakesh Joon


झज्जर में जन्मा-पला-बढा पैदा होने के कारण इस क्षेत्र से मेरा लगाव स्वाभाविक है, किन्तु मै सदैव ये महसूस करता था कि विकसित हो रहे शहरी आवास के बुनियादी ढांचे में अभी बहुत कुछ करना बाकि है, अभी तो सिर्फ बेहद सीमित सुविधांए ही प्रदान की जा रही हैं। निकटवर्ती गुड़गांव में तेजी से विकास हो रहा था, जबकि दिल्ली से गुडगांव के समान कनेक्टिविटी होने के बावजूद झज्जर जिला गुडगावं के मुकाबले बहुत पीछे रह गया था।

पिछले काफी समय से दिल्ली और गुड़गांव युवाओं केमध्य उनके रोजगार के प्रमुख ठिकानों के रूप में उभरे हैं, लेकिन इन दोनो ही शहरों में रहने की लागत आम नौकरी-पेशा व्यक्ति के बजट से बाहर है। इसके अतिरिक्त इन नौकरी-पेशा व्यक्तियों को इन शहरों में अपने-अपने गंतव्यों तक पहुचने में समय और पैसे दोनो खर्च होंगे।

जबकि खेल सदा से हमारी परवरिश का एक हिस्सा रहे है और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हमारे युवाओं की पदक प्राप्ति से खेलों के हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा होने की धारणा को मान्यता मिली है। हालांकि हमारे पास बहुमुखी प्रतिभाएं हैं, जिनकी खेल-क्षमताओं का दोहन किया जाना बाकि है, किन्तु हमारे क्षेत्र में खेलों के विकास के लिए जरूरी आधारभूत ढांचे की अत्यन्त कमी है।

इन सभी मुद्दों पर समग्र रूप से ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। इसलिए मैंने इसे चुनौती के रूप में लिया। भविष्य में क्षेत्र के लोगों के समग्र विकास की धुरी के रूप में बहादुरगढ़ की पहचान करने के बाद, हमने बहादुरगढ़ में अपने ड्रीम प्रोजेक्ट ’एचएल सिटी’ के साथ एक विनम्र शुरुआत की। चूंकि खेल सुविधाओं को हमारी इस आवासीय परियोजना का अभिन्न हिस्सा होना था, इसलिए हमने अपनी आवासीय काॅलोनी मे प्रथम निवासी के आगमन से भी विदेशों से कोच के अनुभव से सुसज्जित एक विश्व स्तरीय आवासीय बैडमिंटन अकादमी बनाई, और हरियाणा में अपनी तरह का पहला एक इनडोर किन्तु प्रत्येक मौसम के अनुकूल स्विमिंग पूल तैयार किया। हमारी बेडमिंटन एकेडमी तथा स्विमिंग पूल के साथ क्षेत्र की सबसे बड़ी हेल्थ-जिम भी हमारी एच.एल.सिटी की. शोभा है। इसीलिए इसमे कोई आश्चर्य की बात नही है कि एक छोटे से अन्तराल के भीतर एच.एल.सिटी ने क्षेत्र की आवासीय काॅलोनियों में उंचा नाम कमाया है। हमने लोगों की अंतर्निहित इच्छाओं को समझने के साथ-साथ निर्माण मे गुणवत्ता प्रदान की जिससे हमारे ग्राहकों का विश्वास सुदृढ हुआ है। मैं गर्व से कह सकता हूं कि असफल या अस्थिर हाउसिंग परियोजनाओं के इस ढेर सारे में, एचएल सिटी पूरे एनसीआर क्षेत्र में सम्मान और विश्वास का एक बडे सतम्भ के रूप में खड़ी है। यह बडे सं घर्ष के बाद अर्जित सफलता है जिससे हमे तथा हमारी टीम को विनम्रता के साथ स्वीकार करते हुए आगे भी हर कीमत पर बनाए रखना है।

धन्यवाद
-राकेश जून-